Thursday, 15 September 2011

खुदा कहेता है इंसानों को ...

धरती बाटी - मुल्क बाटा,
मत बाटो इंसानों  को
ये जात -पात कहा  से आया,
खुदा कहेता है इंसानों को ...

मैंने दिल और धड़कन बनाया..
और तुमने मंदिर - मस्जिद बनाया..
मुझे दिलो से निकला  और वहा पे बिठाया..
खुदा कहेता है इंसानों को ...

दिलो में प्यार बनाया...
खुशिओ से भरा जीवन बनाया...
लेकिन बुरी  आदते या चीज़ नहीं सिखाई..
खुदा कहेता है इंसानों को ...

अफ़सोस नहीं हैरानी है
इंसानों को इतना क्यों समजदार बनाया..
मुझे सुक्रिया तो दूर कोसते है जीवनभर
खुदा कहेता है इंसानों को ...

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